Suhagrat Ko Pati Patni Se
सुहाग रात को पति:- तुम्हीं मेरी साधना हो..
तुम्हीं मेरी आराधना हो.
तुम्हीं मेरी कल्पना हो..
तुम्हीं मेरी कविता हो..
.
तो पत्नी भी भावुक हो गई, बोली..
.
तुम्ही मेरे रमेश हो...
तुम्हीं मेरे दिनेश हो..
तुम्हीं मेरे महेश हो...
और
तुम्हीं मेरे गाजियाबाद वाले सुरेश हो..
.
सुबह तलाक हो गया...!!
तुम्हीं मेरी आराधना हो.
तुम्हीं मेरी कल्पना हो..
तुम्हीं मेरी कविता हो..
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तो पत्नी भी भावुक हो गई, बोली..
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तुम्ही मेरे रमेश हो...
तुम्हीं मेरे दिनेश हो..
तुम्हीं मेरे महेश हो...
और
तुम्हीं मेरे गाजियाबाद वाले सुरेश हो..
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सुबह तलाक हो गया...!!