Pagalkhane mein patient ki jaanch
एक पागलखाने में एक पत्रकार ने डॉक्टर से प्रश्न किया।
“आप कैसे पहचानते हैं कि, कौन मानसिक रोगी है और कौन नहीं ? ”
डॉक्टर: ” हम एक बाथटब पानी से पूरा भर देते हैं और मरीज को,
एक चम्मच
एक गिलास और
एक बाल्टी
देकर कहते हैं कि वो बाथटब को खाली करे। ”
पत्रकार—“अरे वाह, बहुत बढ़िया। यानी जो नार्मल व्यक्ति होता होगा वो बाल्टी का उपयोग करता होगा क्योंकि वो चम्मच और गिलास से बड़ी होती है। ”
.
डॉक्टर—” जी नहीं। नार्मल व्यक्ति बाथटब में लगे हुए ड्रेन प्लग को खींच कर टब को खाली करता है। आप 39 नंबर के बैड पर जाइए ताकि हम आप की पूरी जाँच कर सकें। ”
.
अगर आप ने भी बाल्टी ही सोचा था तो कृपया बैड नंबर 40 पर जाइए।
“आप कैसे पहचानते हैं कि, कौन मानसिक रोगी है और कौन नहीं ? ”
डॉक्टर: ” हम एक बाथटब पानी से पूरा भर देते हैं और मरीज को,
एक चम्मच
एक गिलास और
एक बाल्टी
देकर कहते हैं कि वो बाथटब को खाली करे। ”
पत्रकार—“अरे वाह, बहुत बढ़िया। यानी जो नार्मल व्यक्ति होता होगा वो बाल्टी का उपयोग करता होगा क्योंकि वो चम्मच और गिलास से बड़ी होती है। ”
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डॉक्टर—” जी नहीं। नार्मल व्यक्ति बाथटब में लगे हुए ड्रेन प्लग को खींच कर टब को खाली करता है। आप 39 नंबर के बैड पर जाइए ताकि हम आप की पूरी जाँच कर सकें। ”
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अगर आप ने भी बाल्टी ही सोचा था तो कृपया बैड नंबर 40 पर जाइए।
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