Pappu ki hui patni se jhik-jhik
पत्नी की रोज रोज की झिक-झिक से परेशान पप्पू अपना सामान बांधते हुए बोला -:
अब तो मैं तेरे साथ एक पल भी नहीं रहूँगा ..
पप्पू रेलवे स्टेशन गया, पप्पू ट्रेन में चढने लगा तभी आकाशवाणी हुई
“इसमें मत चढ, ये पटरी से उतर जायगी”
पप्पू एयर पोर्ट गया..
वो प्लेन में चढने लगा कि आवाज आई
“इसमें मत चढ ये क्रैश हो जाएगा”
पप्पू ने बस में जाने की सोची के फिर आवाज आई
“इसमें मत चढ ये खाई में गिर जायगी”
पप्पू गुस्से से बोला-:
“कौन है यार?”
आवाज आई -:
“मैं भगवान हूँ !”
पप्पू रोते हुए बोला -:,
“प्रभु जब मैं घोड़ी परचढ रहा था तब आपका गला बैठ गया था क्या ..?”
अब तो मैं तेरे साथ एक पल भी नहीं रहूँगा ..
पप्पू रेलवे स्टेशन गया, पप्पू ट्रेन में चढने लगा तभी आकाशवाणी हुई
“इसमें मत चढ, ये पटरी से उतर जायगी”
पप्पू एयर पोर्ट गया..
वो प्लेन में चढने लगा कि आवाज आई
“इसमें मत चढ ये क्रैश हो जाएगा”
पप्पू ने बस में जाने की सोची के फिर आवाज आई
“इसमें मत चढ ये खाई में गिर जायगी”
पप्पू गुस्से से बोला-:
“कौन है यार?”
आवाज आई -:
“मैं भगवान हूँ !”
पप्पू रोते हुए बोला -:,
“प्रभु जब मैं घोड़ी परचढ रहा था तब आपका गला बैठ गया था क्या ..?”
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